अगर आपको चींटियाँ पालने का शौक है, तो फल मक्खियों का कल्चर तैयार करना अपनी कॉलोनी के लिए सबसे अच्छे कामों में से एक है। चींटियों को प्रोटीन देने के मामले में फल मक्खियाँ लगभग सर्वोत्तम मानी जाती हैं। वे छोटी होती हैं, आसानी से पकड़ी जा सकती हैं और उनमें वे सभी पोषक तत्व होते हैं जिनकी आपकी चींटियों को मज़बूत और स्वस्थ रूप से बढ़ने के लिए ज़रूरत होती है। फल मक्खियाँ छोटे या कम उम्र के सरीसृपों, जैसे डार्ट मेंढक, छोटे गिरगिट और गेको को खिलाने के लिए भी बहुत उपयोगी हैं। वे छोटे मुँह के लिए सही आकार की होती हैं और आपके सरीसृप को शिकार करने का प्राकृतिक तरीका देती हैं, जिससे स्वस्थ गतिविधि को बढ़ावा मिलता है और उनकी स्वाभाविक प्रवृत्तियाँ जागृत होती हैं।

घर पर फल मक्खियों का कल्चर होने का मतलब है कि आपके पास हमेशा कम खर्च में भोजन की स्थिर और भरोसेमंद आपूर्ति रहेगी। इस तरह, आपको बार-बार दुकान नहीं जाना पड़ेगा और न ही फीडर खत्म होने की चिंता करनी होगी। इसके अलावा, चींटियों को फल मक्खियों का शिकार करते देखना उनके स्वाभाविक भोजन खोजने के व्यवहार को सामने लाता है। यह देखने में न केवल बेहद दिलचस्प है, बल्कि उन्हें सक्रिय और स्वस्थ रखने के लिए भी अच्छा है।
तो, अगर आप अपनी चींटियों को खुश और बढ़ते हुए रखना चाहते हैं, तो फल मक्खियों का कल्चर तैयार करना निश्चित रूप से मेहनत के लायक है। इसे बनाने का तरीका यहाँ दिया गया है:
ज़रूरी सामग्री
वैकल्पिक रूप से, आपको यहाँ हमारा फल मक्खियों का कल्चर किट में ज़रूरत की हर चीज़ मिल सकती है।
1. फल मक्खियों का स्टार्टर कल्चर: कल्चर शुरू करने के लिए फल मक्खियों की एक छोटी आबादी।
2. कल्चर कंटेनर: हवा आने-जाने वाले ढक्कन (जैसे फोम या रुई) वाला प्लास्टिक या काँच का कंटेनर।
3. मक्खियों का आहार (खाद्य स्रोत): यह माध्यम भोजन के स्रोत और अंडे देने के आधार, दोनों के रूप में काम करता है। आप फल मक्खियों का तैयार माध्यम खरीद सकते हैं या नीचे दी गई विधि से खुद बना सकते हैं।
4. हवा आने-जाने वाला ढक्कन या वेंटिलेशन: हवा का प्रवाह सुनिश्चित करने और मक्खियों को बाहर निकलने से रोकने के लिए फोम प्लग, रुई की गोली या कपड़े से ढका ढक्कन।
5. कॉफी फिल्टर या एस्सेल्सियर: फल मक्खियों के रहने के लिए सतह का क्षेत्र
घर पर मक्खियों के लिए आहार बनाने की विधि
इस विधि में फल मक्खियाँ आम तौर पर थोड़ी धीमी गति से विकसित होती हैं, लेकिन इसका फायदा यह है कि यह ज़्यादा समय तक चलती है।
सामग्री:
- आधा केला (पका या ज़्यादा पका हुआ सबसे अच्छा है)
- 1 बड़ा चम्मच चीनी
- ओट ब्रान
- सक्रिय बेकर यीस्ट
- 1 बड़ा चम्मच सेब का सिरका
- 1 चुटकी दालचीनी
विधि:
1. केले और चीनी को मसलें: एक कटोरे में केले और चीनी को तब तक मसलकर मिलाएँ, जब तक मिश्रण पतला न हो जाए।
2. ओट ब्रान डालें: थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ओट ब्रान मिलाते जाएँ, जब तक मिश्रण गाढ़ा लेकिन नम न हो जाए। अगर मिश्रण बहुत सूखा लगे, तो सही बनावट आने तक थोड़ा पानी डालें।
3. सेब का सिरका डालें: किण्वन में मदद के लिए सेब का सिरका मिलाएँ।
4. यीस्ट और दालचीनी छिड़कें: किण्वन शुरू करने के लिए मिश्रण के ऊपर सक्रिय बेकिंग यीस्ट की बहुत थोड़ी मात्रा (एक चुटकी का भी बस थोड़ा-सा हिस्सा) छिड़कें।
5. इस्तेमाल के लिए तैयार: मिश्रण को तुरंत कल्चर कंटेनर में रखा जा सकता है। इसे लगभग 1-2 इंच गहरी परत में डालें।
Repashy Superfly से फल-मक्खी कल्चर तैयार करना
1. मिश्रण तैयार करें: 32 oz. डेली कंटेनर में 1/4 कप Superfly मीडियम डालें। फिर उसमें 2/3 कप गर्म पानी डालें (हो सके तो डिस्टिल्ड या बोतलबंद पानी इस्तेमाल करें)। अच्छी तरह मिल जाने तक अच्छी तरह चलाएँ।
2. मिश्रण को जमने दें और समायोजित करें: मिश्रण इतना पतला होना चाहिए कि कंटेनर को मेज़ पर थपथपाने पर वह फैलकर समतल हो जाए। पानी को पूरी तरह सोखने के लिए मिश्रण को कुछ घंटों तक रखा रहने दें। अगर मिश्रण बहुत गाढ़ा हो, तो थोड़ा और पानी डालें। अगर यह बहुत पतला हो, तो और मीडियम डालें।

फल-मक्खी कल्चर बनाने के चरण
1. कल्चर कंटेनर तैयार करें: तैयार फ्लाई मीडियम को कल्चर कंटेनर के तल में रखें।
2. फल-मक्खियाँ डालें: स्टार्टर कल्चर से 30-40 वयस्क फल-मक्खियों को धीरे से कंटेनर में स्थानांतरित करें।
3. ढक्कन अच्छी तरह बंद करें: मक्खियों को अंदर रखते हुए हवा का प्रवाह बनाए रखने के लिए हवादार ढक्कन का उपयोग करें।
4. कमरे के तापमान पर रखें: कल्चर को लगभग 21-25°C (70-77°F) पर, सीधी धूप से दूर रखें।
5. कल्चर पर नज़र रखें: कुछ दिनों में आपको अंडे और लार्वा दिखाई देंगे। इस विधि से जीवन चक्र थोड़ा धीमा चलेगा, लेकिन कल्चर अधिक समय तक चलेगा।
देखभाल और सुझाव
- हर 4-5 सप्ताह में मक्खियों को स्थानांतरित करें: वयस्क मक्खियों को हर कुछ सप्ताह में नए माध्यम वाले ताज़ा कंटेनर में ले जाएँ।
- नमी नियंत्रित करें: अगर माध्यम सूख जाए, तो पानी की कुछ बूँदें डालें। अगर यह बहुत गीला हो, तो फफूंद लग सकती है—नमी कम करें या ओट ब्रान जैसी अधिक सूखी सामग्री डालें।
